Janta 24X7 News

Oct 09, 2026 Kajal Awasthi

UP Voter List पर 16.18 लाख फॉर्म-6 को लेकर विवाद, CEO नवदीप रिणवा बोले- नियमों के तहत हुई प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में 16.18 लाख फॉर्म-6 को लेकर विवाद गहरा गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया कि ये आवेदन ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने से पहले SIR के गणना चरण में BLO ने घर-घर जाकर एकत्र किए थे। आयोग ने प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों को खारिज किया है ।

UP Voter List पर 16.18 लाख फॉर्म-6 को लेकर विवाद, CEO नवदीप रिणवा बोले- नियमों के तहत हुई प्रक्रिया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर 16.18 लाख फॉर्म-6 का मामला चर्चा में है। ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने से पहले बड़ी संख्या में नाम जोड़ने के आवेदन एकत्र किए जाने और उनकी सूची सार्वजनिक नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सफाई देते हुए कहा है कि इन आवेदनों को रहस्यमयी तरीके से नहीं लिया गया, बल्कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत SIR की प्रक्रिया के दौरान एकत्र किया गया था।
CEO कार्यालय के अनुसार, उत्तर प्रदेश में SIR की प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई थी। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLO ने घर-घर जाकर गणना प्रपत्र एकत्र किए। कार्यालय का कहना है कि जिन पात्र नागरिकों के नाम उस समय की मतदाता सूची में दर्ज नहीं थे और जिनके गणना प्रपत्र पहले से प्रिंट नहीं हुए थे, उन्हें फॉर्म-6 उपलब्ध कराए गए। ऐसे नागरिकों से नाम जोड़ने के आवेदन गणना चरण में ही एकत्र किए गए थे। इनकी कुल संख्या 16.18 लाख बताई गई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, ड्राफ्ट मतदाता सूची 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित की गई थी। उनका कहना है कि नियमों के अनुसार ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद दावा और आपत्ति की अवधि में प्राप्त फॉर्म-6 आवेदनों की सूची वेबसाइट पर प्रकाशित की गई थी। इसे फॉर्म-9 के रूप में जाना जाता है। CEO कार्यालय ने इसी आधार पर ड्राफ्ट सूची से पहले एकत्र किए गए 16.18 लाख आवेदनों की अलग सूची सार्वजनिक करना अनिवार्य नहीं होने की बात कही है। कार्यालय ने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को भी खारिज किया है।
हालांकि, इस स्पष्टीकरण के बाद भी मामले में पारदर्शिता को लेकर सवाल बने हुए हैं। एक अन्य रिपोर्ट में निर्वाचन आयोग के निर्देशों की व्याख्या को लेकर CEO कार्यालय के दावे पर सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में विवाद का एक प्रमुख पहलू यह है कि इन 16.18 लाख आवेदनों के साथ नियमों के तहत क्या प्रक्रिया अपनाई गई और उनकी स्थिति का पूरा विवरण किस तरह उपलब्ध कराया जा सकता है।
यह भी ध्यान देना जरूरी है कि 16.18 लाख फॉर्म-6 एकत्र होने का अर्थ अपने आप यह नहीं है कि उतने ही नए मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में जोड़ दिए गए। आवेदन प्राप्त होने, उनकी जांच होने और नाम अंतिम सूची में शामिल किए जाने की प्रक्रिया अलग-अलग चरण हैं। इसलिए यह जानने के लिए कि कितने आवेदन स्वीकार हुए, कितने अस्वीकार किए गए और कितने नाम अंतिम सूची में शामिल हुए, संबंधित आधिकारिक आंकड़ों का पूरा विवरण जरूरी है।
मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे मामलों में आवेदन संख्या, जांच की स्थिति और अंतिम सूची में हुए बदलावों की स्पष्ट जानकारी से विवाद से जुड़े सवालों को समझने में मदद मिल सकती है। फिलहाल CEO नवदीप रिणवा ने प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप बताया है, जबकि 16.18 लाख फॉर्म-6 के सार्वजनिक विवरण और उनके निपटारे को लेकर चर्चा जारी है।
Author - Kajal Awasthi
Credit - Janta24x7

Latest News

Janta24x7news
Janta24x7news May 18, 2026

Advertisement

Get In Touch

Office no 11, Bhopal House Lalbagh, Hazratganj, Lucknow 226001

+91 8114000370

info@janta24x7news.in

Follow Us

© Janta 24X7 News. All Rights Reserved. Powered by RBSC Associates