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Dec 20, 2025 Ratnakar singh chauhan

धोखाधड़ी और धमकी का शिकार हुआ शख्स, मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी पुलिस मौन*

धोखाधड़ी और धमकी का शिकार हुआ शख्स, मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी पुलिस मौन* मलिहाबाद, लखनऊ। राजधानी के थाना मलिहाबाद क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम महमूदनगर में धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित संतोष कुमार द्विवेदी ने अपने पूर्व व्यापारिक साझेदार पर 12 लाख से अधिक रुपये हड़पने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का गंभीर आरोप लगाया है। हैरानी की बात यह है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई है। *क्या है पूरा मामला?* पीड़ित संतोष कुमार द्विवेदी पुत्र श्री जमुना प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि वह ग्राम हबीबपुर निवासी राजेश यादव पुत्र जोधन के साथ मिलकर प्रॉपर्टी का काम करते थे। आपसी विश्वास के चलते संतोष ने राजेश को प्रॉपर्टी खरीदने के नाम पर विभिन्न तिथियों में बैंक खातों (पंजाब नेशनल बैंक) और नकद के माध्यम से कुल 12,05,000 (बारह लाख पांच हजार) रुपये दिए थे। *फर्जी सहमति पत्र का खेल* संतोष का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो राजेश ने टाल-मटोल शुरू कर दी। इसी बीच विपक्षी ने संतोष की पत्नी के नाम से एक फर्जी 'सहमति पत्र' तैयार करवा लिया। इस पत्र में बिना किसी गवाह और फर्जी नोटरी के यह दर्शाया गया कि संतोष और राजेश के बीच कोई लेन-देन बकाया नहीं है। *घर में घुसकर दी जान से मारने की धमकी* पीड़ित ने जब थाने में शिकायत की, तो आरोपी राजेश यादव ने उनके घर आकर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। संतोष का आरोप है कि आरोपी ने पुलिस से साठगांठ का हवाला देते हुए कहा, "पुलिस में मेरा उठना-बैठना है, तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे।

धोखाधड़ी और धमकी का शिकार हुआ शख्स, मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी पुलिस मौन*
*धोखाधड़ी और धमकी का शिकार हुआ शख्स, मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी पुलिस मौन*


मलिहाबाद, लखनऊ।
राजधानी के थाना मलिहाबाद क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम महमूदनगर में धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित संतोष कुमार द्विवेदी ने अपने पूर्व व्यापारिक साझेदार पर 12 लाख से अधिक रुपये हड़पने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का गंभीर आरोप लगाया है। हैरानी की बात यह है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई है।

*क्या है पूरा मामला?*

पीड़ित संतोष कुमार द्विवेदी पुत्र श्री जमुना प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि वह ग्राम हबीबपुर निवासी राजेश यादव पुत्र जोधन के साथ मिलकर प्रॉपर्टी का काम करते थे। आपसी विश्वास के चलते संतोष ने राजेश को प्रॉपर्टी खरीदने के नाम पर विभिन्न तिथियों में बैंक खातों (पंजाब नेशनल बैंक) और नकद के माध्यम से कुल 12,05,000 (बारह लाख पांच हजार) रुपये दिए थे।

*फर्जी सहमति पत्र का खेल*

संतोष का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो राजेश ने टाल-मटोल शुरू कर दी। इसी बीच विपक्षी ने संतोष की पत्नी के नाम से एक फर्जी 'सहमति पत्र' तैयार करवा लिया। इस पत्र में बिना किसी गवाह और फर्जी नोटरी के यह दर्शाया गया कि संतोष और राजेश के बीच कोई लेन-देन बकाया नहीं है।

*घर में घुसकर दी जान से मारने की धमकी*

पीड़ित ने जब थाने में शिकायत की, तो आरोपी राजेश यादव ने उनके घर आकर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। संतोष का आरोप है कि आरोपी ने पुलिस से साठगांठ का हवाला देते हुए कहा, "पुलिस में मेरा उठना-बैठना है, तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे। रुपये भी नहीं दूंगा और तुम्हें फर्जी मुकदमे में फंसा दूंगा।"

*न्याय की गुहार*

वर्तमान में पीड़ित और उनका परिवार दहशत के साये में जीने को मजबूर है। संतोष कुमार ने थानाध्यक्ष मलिहाबाद से विपक्षी के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की मांग की है।

अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत और पुलिस के पास पहुंचे इस प्रार्थना पत्र पर लखनऊ पुलिस क्या कड़ा कदम उठाती है, या फिर पीड़ित ऐसे ही दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर रहेगा।
Author - Ratnakar singh chauhan
Credit - Janta24×7news

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